रिपोर्ट सागर ठाकुर
हरिद्वार (नील धारा) कुंभ मेले की तैयारियों के बीच हरिद्वार में विकास कार्यों को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जनसंघ के समय से भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेता एवं हरिद्वार के प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने धामी सरकार के “जीरो टॉलरेंस” के दावों पर सवाल उठाते हुए कुंभ कार्यों में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान अशोक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कनखल स्थित पौराणिक सतीकुंड के जीर्णोद्धार से जुड़े लगभग 5 करोड़ रुपये लागत वाले कार्य को 61 करोड़ रुपये में स्वीकृत कर गुजरात की एक कंपनी को सौंप दिया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।त्रिपाठी ने मेला अधिकारी सोनिका पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि उन्हें अर्धकुंभ को कुंभ बताकर गुमराह करने का प्रयास किया गया और उन्हें धमकी भी दी गई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मुझे गुमराह करने और धमकी देने की किसी की हैसियत नहीं है। मैं राम मंदिर आंदोलन सहित भाजपा और जनसंघ के लिए 20 बार जेल जा चुका हूं। मुझे डराने की कोशिश न की जाए।”उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले 10 दिनों से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें समय नहीं मिला। इसी कारण उन्हें अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने के लिए प्रेस वार्ता करनी पड़ी।अशोक त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने तथा कथित वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि कुंभ जैसे महत्वपूर्ण आयोजन से पहले ऐसे आरोप सामने आते हैं तो इससे सरकार की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।







