नील धारा ब्यूरो
हरिद्वार, 21 जुलाई।भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के पदाधिकारियों ने मंगलवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में संगठन ने संविधान, सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और सांप्रदायिक सौहार्द से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की।ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि संविधान एवं सामाजिक न्याय से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

ज्ञापन के माध्यम से सरकार से संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करते हुए आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया गया।संगठन की प्रमुख मांगों में सीएए-यूसीसी जैसे कानूनों को वापस लेने, वक्फ संशोधन अधिनियम-2025 को निरस्त करने, मॉब लिंचिंग एवं फर्जी मुठभेड़ों पर प्रभावी कार्रवाई, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट-1991 का कड़ाई से पालन, अनुच्छेद 341(3) से संबंधित प्रावधान में बदलाव, जाति आधारित जनगणना, विभिन्न आयोगों की सिफारिशें लागू करने तथा सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले संगठनों के विरुद्ध कार्रवाई जैसी मांगें शामिल हैं।ज्ञापन के अंत में संगठन ने राष्ट्रपति से मांगों पर विचार कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया, ताकि संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत किया जा सके।संजय मूलनिवासी, भंवर सिंह, एडवोकेट पुरुषोत्तम, सुरेश कुमार और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे







