नील धारा ब्यूरो
हरिद्वार, 21 जुलाई। (नील धारा) भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपकर किसानों, मजदूरों, पशुपालकों एवं आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग की। ज्ञापन में अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापारिक समझौते पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि इससे भारतीय कृषि, डेयरी व्यवसाय और पशुपालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। संगठन ने सरकार से किसानों के हितों की रक्षा करते हुए किसी भी ऐसे समझौते पर पुनर्विचार करने की मांग की।ज्ञापन में किसानों की प्रमुख समस्याओं का उल्लेख करते हुए टोल प्लाजा आंदोलन के दौरान किए गए वादों को पूरा करने, किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त एवं रियायती बिजली उपलब्ध कराने, नहरों की नियमित सफाई कर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने, वन गुर्जर बस्तियों में सोलर लाइटें लगाने,

किसानों को डीजल पर राहत देने तथा अन्य किसान हितैषी मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई।हरिद्वार जिला अध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों, मजदूरों, पशुपालकों और डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। किसानों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर उन्हें राहत दी जाए, अन्यथा भारतीय किसान यूनियन आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगी। गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि किसानों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार को किसानों से जुड़े सभी लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान करना चाहिए। यदि मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान विजय शास्त्री, संजय चौधरी, सूबा सिंह ढिल्लों, गुरपेज सिंह, आकाश सचदेवा, अभिजीत बेदी, शिवम चौधरी, पंकज चौधरी,रमेश सिंह पंवार,उदय पाल,उदय चौधरी, अमन सैनी, बिक्रमजीत सिंह, सागर ठाकुर, दानिश कुरैशी और अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे







