नील धारा ब्यूरो
देहरादून/ऋषिकेश। (नील धारा) देहरादून-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग के भानियावाला-जॉलीग्रांट-ऋषिकेश खंड के चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित हजारों पेड़ों की कटाई पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। लगातार कई दिनों से चल रहे विरोध-प्रदर्शनों, पर्यावरण प्रेमियों की आपत्तियों और जनभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। इस परियोजना के तहत पहले लगभग 4,369 पेड़ों को हटाने की योजना थी, जिनमें से कुछ का प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांटेशन) और शेष की कटाई प्रस्तावित थी। हालांकि आंदोलन के दौरान इसे कई जगह 3,000 से अधिक पेड़ों की कटाई के रूप में भी उठाया गया। पिछले एक सप्ताह से पर्यावरणविद, स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठन और विभिन्न राजनीतिक दल इस परियोजना का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राजाजी टाइगर रिजर्व और हाथी कॉरिडोर के आसपास बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से पर्यावरण और वन्यजीवों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।


कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने पेड़ों से चिपककर कटाई रोकने का प्रयास किया, जबकि पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ऋषिकेश दौरे के दौरान भी पर्यावरण प्रेमियों ने उन्हें रोककर अपनी चिंता से अवगत कराया और इस विषय पर हस्तक्षेप की मांग की।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि पेड़ों की कटाई फिलहाल पूरी तरह रोकी जाए तथा मुख्य सचिव सभी संबंधित पक्षों—पर्यावरण विशेषज्ञों, स्थानीय नागरिकों और संबंधित विभागों—से चर्चा कर समाधान तलाशें। सरकार का कहना है कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण भी समान रूप से महत्वपूर्ण है और सभी पक्षों की राय लेने के बाद ही आगे का निर्णय किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस फैसले का पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान किया है। वहीं, अब सभी की नजर आगामी बैठकों पर रहेगी, जिनमें सड़क परियोजना और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने पर निर्णय लिया जाएगा।







