नील धारा ब्यूरो
चमोली (नील धारा) चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई विवाद की घटना में गिरफ्तार चार निहंग सिखों को जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद सभी निहंग सिख जेल से रिहा होकर अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए। उनकी रिहाई पर सिख समाज के लोगों ने संतोष व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।अदालत से जमानत मिलने के बाद लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध में भी कुछ हद तक कमी आती दिखाई दे रही है। सिख संगठनों का कहना है कि वे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं,

जबकि प्रशासन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। मामले की जांच फिलहाल जारी है।जमानत प्रक्रिया में श्री गुरु नानक देव धर्म प्रचार समिति के संरक्षक बाबा पंडित, अध्यक्ष सूबा सिंह ढिल्लों, शेर सिंह, अनूप सिंह सिद्ध, सुरेंद्र सिंह खालसा, बलविंदर सिंह, प्रताप सिंह, जसविंदर सिंह डाली, जसवीर सिंह सहित समिति की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।समिति के अध्यक्ष सूबा सिंह ढिल्लों ने कहा कि जमानत दिलाने में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, पंजाब के विभिन्न सिख संगठनों तथा बारिश पंजाब दे के जत्थेदार बापू तरसेम सिंह के प्रयासों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा कि सिख संगठनों के नेतृत्व में पूरी टीम ने लगातार कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखी और अधिवक्ताओं के माध्यम से न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल करवाई, जिसके परिणामस्वरूप सभी निहंग सिखों को जमानत मिल सकी।

सूबा सिंह ढिल्लों ने कहा कि सिख समाज न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करता है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर आगे भी कायम रहेगा। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से संघर्ष में सहयोग करने वाले सभी लोगों को सरोपा पहनाकर सम्मानित किया गया तथा उनके योगदान के लिए धन्यवाद व्यक्त किया गया। सिख समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि पूरे मामले में सहयोग करने वाले सभी सामाजिक, धार्मिक और कानूनी सहयोगियों का समाज सदैव आभारी रहेगा।







